क्रिस्टियानो रोनाल्डो की वो भावुक कहानी जो शायद सबको नहीं पता

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पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी और दिग्गज फुटबॉलरों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा, विश्व कप में खेलना हर फुटबॉलर का सपना होता है। लेकिन पंद्रह वर्ष की उम्र में जब मेरे दिल का ऑपरेशन करना पड़ा था, तो मुझे कई दिनों तक मैदान से बाहर रहना पड़ा और यह आशंकाएं तक जताई गईं कि कभी मैं फुटबॉल खेल सकूंगा या नहीं। मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि बहुत साधारण रही है।

रोनाल्डो ने कहा मेरी मां कुक थीं और पिता नगरपालिका में माली होने के साथ ही फुटबॉल टीम के साथ पार्ट टाइम किट मैन भी थे। मुझसे बड़ा मेरा एक भाई है और मेरी दो बहनें भी हैं। मेरा जन्म पांच फरवरी, 1985 को पुर्तगाल के साओ पेड्रो, फनचल में हुआ था। मेरे पिता रोनाल्ड रीगन के अभिनय के दीवाने थे, सो मेरा नाम उन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो डोस सांतोस एवेरिरो रख दिया। मजेदार बात यह है कि इसका रीगन के अमेरिका का राष्ट्रपति होने से कोई संबंध नहीं था। पिता के किट मैन होने के कारण बचपन से मेरा रुझान फुटबॉल की ओर हो गया था।

1997 में मुझे लिस्बन स्थित स्पोर्टिंग क्लब पुर्तगाल जिसे स्पोर्टिंग सीपी के नाम से जाना जाता है, ट्रॉयल देने का मौका मिला। तीन दिन के ट्रॉयल के बाद मुझे इस प्रतिष्ठित क्लब ने डेढ़ हजार पाउंड में साइन कर लिया। उस समय मेरी उम्र 12 वर्ष थी और मैं स्कूल में पढ़ ही रहा था। 14 वर्ष की उम्र में मुझे एहसास हुआ कि मैं पेशेवर खिलाड़ी की तरह खेल सकता हूं और मैं मेरी मां की इस बात से सहमत था कि मुझे अपना ध्यान पूरी तरह से फुटबॉल पर केंद्रित करने के लिए स्कूल छोड़ देना चाहिए।

16 वर्ष की उम्र में मेरी ड्रिबलिंग से प्रभावित होकर स्पोर्टिंग क्लब के मैनेजर ने मुझे युवाओं की टीम में शामिल कर लिया। इसके बाद मैं एक ही सत्र में अंडर-16, अंडर-17 और अंडर-18 में खेलने वाला पहला खिलाड़ी बन गया। इसके बाद 2003-04  के सत्र से पहले मैं मैनचेस्टर युनाइटेड से जुड़ गया और यह करार था 1.2 करोड़ पाउंड का। उस वक्त मैं इंग्लिश फुटबॉल का सबसे महंगा किशोर खिलाड़ी था।

मैनचेस्टर की ओर से खेलने के लिए मैंने 28 नंबर की जर्सी मांगी थी। लेकिन इंग्लैंड के महान फुटबॉलर फर्ग्यूसन ने कहा कि मुझे सात नंबर की जर्सी पहनकर खेलना चाहिए। यह मेरे लिए बड़ी बात थी, क्योंकि जॉर्ज बेस्ट, ब्रॉयन रॉबसन, एरिक कैंटोना और डेविड बेकहम जैसे खिलाड़ी भी सात नंबर की जर्सी पहनते थे। मैनचेस्टर के बाद 2009 में जब मैं स्पेन के दिग्गज क्लब रीयल मैड्रिड से जुड़ा, तो लगा मानो मेरी मंजिल मुझे मिल गई। पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के अलावा मैं रीयल मैड्रिड की ओर से खेलता हूं।

जनवरी, 2013 में मुझे सेव द चिल्ड्रन के नए ग्लोबल एंबेसडर के रूप में नामांकित किया गया था। इस नाते मैंने भूख के खिलाफ लड़ाई में साथ देने का संकल्प लिया था। इसके अलावा मैं पर्यावरण संरक्षण के अभियान से भी जुड़ा हुआ हूं। नवंबर, 2014 में फीफा ने खतरनाक बीमारी इबोला के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए 11 अंगेस्ट इबोला नामक जो अभियान चलाया था, उसमें शीर्ष फुटबॉलर के साथ मैं भी शामिल था।

नोटः दुनिया के शीर्ष फुटबॉल खिलाड़ी, विश्व कप में पुर्तगाल की टीम के कप्तान और रूस में चल रहे विश्व कप फुटबॉल में अब तक सर्वाधिक चार गोल करने वाले रोनाल्डो के विभिन्न साक्षात्कारों पर आधारित है।

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