चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक से दिया इस्तीफा, इनको मिली कमान

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निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई के प्रबंध संचालक पद से चंदा कोचर ने इस्तीफा दे दिया है। कोचर के खिलाफ वीडियोकॉन समूह को गलत तरीके से कर्ज देने का आरोप लगा था। इस मामले में चंदा और उनके पति के शामिल होने की आशंका की लंबे समय से जांच हो रही है। अब बैंक ने संदीप बख्शी को बैंक का नया प्रबंध निदेशक और सीईओ बना दिया है।

आईसीआईसीआई बैंक बोर्ड पिछले कुछ महीनों से नए प्रबंध संचालक की तलाश में था। तभी से यह माना जा रहा था कि चंदा जल्द ही पद से हटाई जा सकती हैं। लेकिन 4 अक्टूबर को उन्होंने तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ दिया।

इस वजह से दिया चंदा कोचर ने इस्तीफा

सीबीआई ने वर्ष 2012 में बैंक द्वारा वीडियोकॉन समूह को दिए 3250 करोड़ रुपये के लोन और चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की संभावित भूमिका की जांच शुरू की है। आरोप है कि वीडियोकॉन के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने आईसीआईसीआई समेत बैंकों के कंसोर्टियम से अपनी कंपनी को लोन मिलने के बाद न्यूपावर रिन्यूएबल्स में 64 करोड़ रुपये का निवेश किया। बैंक के बोर्ड द्वारा आंतरिक जांच शुरू करने के बाद कोचर ने लंबी छुट्टी ले ली थी। अब इस्तीफा देने के पीछे यही मूल कारण समझा जा रहा है।

इसमें बैंक व वीडियोकॉन समूह के बीच हुए लेनदेन, वीडियोकॉन समूह और न्यूपावर के बीच हुए कथित लेनदेन के बारे में जानकारी मांगी गई थी। न्यूपावर में बैंक की एमडी एवं सीईओ के पति दीपक कोचर के आर्थिक हित जुड़े हुए हैं।

बैंक के शेयरों में उछाल 

शेयर बाजार में इस खबर के आने के बाद आईसीआईसीआई बैंक के शेयर में 4 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखने को मिला। बैंक का शेयर 316.95 रुपये पर कारोबार करते हुए देखा गया। इससे पहले यह 300 रुपये प्रति शेयर पर खुला था।

इनको मिली नई जिम्मेदारी

अब बैंक की पूरी तरह से कमान संदीप बख्शी के पास आ गई है। हाल ही में चंदा कोचर के लंबी छुट्टी पर जाने के बाद आईसीआईसीआई बैंक के बोर्ड ने कार्यवाहक तौर पर संदीप को सीओओ के पद पर नियुक्त किया था। इससे पहले संदीप आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के एमडी तथा सीईओ थे और 19 जून, 2018 से बैंक के सीओओ पद संभाला था।

जांच की घोषणा 30 मई, 2018 को की गई थी। कोचर तथा उनके परिजन वीडियोकॉन समूह को दिए गए लोन के बदले फायदा लेने के आरोपों का समाना कर रहे हैं। एक व्हिस्ल ब्लोअर की शिकायत पर पिछले महीने बैंक ने कोचर पर लगे आरोपों के खिलाफ स्वतंत्र जांच करने की घोषणा की थी।

वीडियोकॉन ने नहीं चुकाए थे 2,810 करोड़ रुपये

वीडियोकॉन समूह की पांच कंपनियों को अप्रैल, 2012 में 3,250 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया। समूह ने इसमें से 2,810 करोड़ रुपये नहीं चुकाए। इसके बाद 2017 में कर्ज को एनपीए घोषित कर दिया गया। दिसंबर, 2008 में वीडियोकॉन समूह के मालिक वेणुगोपाल धूत ने आईसीआईसीआई बैंक की एमडी और सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के साथ न्यूपावर रिन्यूबल्स प्राइवेट लिमिटेड बनाई। इसमें कोचर के परिवार और धूत की हिस्सेदारी 50-50 फीसदी थी।

धूत की कंपनी में थी कोचर के परिवार की हिस्सेदारी

दीपक कोचर को कंपनी का प्रबंध निदेशक बनाया गया। धूत ने जनवरी, 2009 में कंपनी के निदेशक का पद छोड़ दिया। उन्होंने ढाई लाख रुपये में अपने 24,999 शेयर्स भी न्यूपावर में ट्रांसफर कर दिए। आखिर में 94.99 फीसदी होल्डिंग वाले शेयर महज नौ लाख रुपये में दीपक कोचर के पति की अगुवाई वाली कंपनी को मिल गए।

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