जगदलपुर में राष्ट्रपति ने संचार क्रांति योजना का किया शुभारंभ, 600 बेड के अस्पताल का भी लोकार्पण

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जगदलपुर।बस्तर के दो दिवसीय दौरे पर आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को जगदलपुर में संचार क्रांति योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत 50 लाख स्मार्ट फोन निशुल्क बांटे जाएंगे। इसमें 45 लाख महिलाओं ओैर 5 लाख विद्यार्थियों को दिए जाएंगे। इसके साथ ही वह स्वर्गीय बलिराम कश्यप स्मृति बस्तर मेडिकल कॉलेज में नए अस्पताल भवन का लोकार्पण किया। दंपति ने लाभार्थियों को मोबाइल देकर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना संचार क्रांति की शुरुआत की। इससे पहले राष्ट्रपति ने जावांगा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी एजुकेशन हब की शुरुआत की।

– जगदलपुर के डिमरापाल गांव में हो रहे कार्यक्रम में राष्ट्रपति कोविंद ने अपनी बात की शुरुआत और अंतर दोनों छत्तीसगढ़ी बोली में किया। जहां आए हुए लोगों के अभिनंदन में उन्होंने कहा जय जोहार (नमस्कार) कहा, वहीं अंत में अपनी बात खत्म करते हुए बोले- छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया (छत्तीसगढ़ी सबसे अच्छे)।

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बस्तर के विकास की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बहुत विकास हुआ है। मुझे पहले भी बस्तर आने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन की ओर से अबूझमाड़ में काम करने का सेवाभाव मैंने देखा है।

– उन्होंने कहा कि मैं पहले बलि राम कश्यप जी के निमंत्रण पर आया था। 15 साल पहले और अब के विकास में जमीन-आसमान का अंतर है। इसके विकास में ग्रामीण भाई-बहनों का सहयोग था, जिसके चलते लोग सफल हुए।

– बलिराम कश्यप जी जन प्रिय नेता थे, उनसे मेरा निकटतम संबंध था। उन्हें बस्तर की आवाज कहा जाता था। वो इसके विकास के लिए सदा सक्रिय रहते थे। मैं इस अस्पताल को बस्तर क्षेत्र के बहुत उपयोगी केंद्र के रूप में देखता हूं और आप सबकी सेवा में समर्पित करता हूं।

कुंवर बाई और गोविंदी बाई का किया जिक्र

राष्ट्रपति ने कहा कि बस्तर से मिला प्यार हमेशा याद रहेगा। मैंने अपने साथ छत्तीसगढ़ की परंपराओं को सहेजा हुआ है। उन्होंने कहा कि बस्तर की बात करूं तो धमतरी की स्व. कुंवर बाई ने स्वच्छता की विशेषता को समझा। उनके पास जो बकरियां थीं। उसे बेचकर उन्होंने अपने घर में शौचालय बनाने का निर्णय लिया।

– उनके प्रयास से ही धमतरी स्वच्छ हुआ। अभी 106 वर्ष की आयु में उनका निधन हुअा। इसी तरह गोविंदी बाई भी हैं। जिन्होंने 60 वर्ष की आयु में कंप्यूटर सीखा। इतनी उम्र में कंप्यूटर सीखना, खासकर किसी आदिवासी क्षेत्र महिला के लिए बहुत ही मुश्किल है।

– उन्होंने असम की हिमादास की भी चर्चा। कहा कि आदिवासी इलाके से आती हैं हिमा दास और बिना ट्रेनिंग के उन्होंने दौड़ लगाकर गोल्ड जीत लिया। हमारी बेटियों में हिमा दास और गोविंदी बाई बनने की क्षमता है।

– मैंने देखा कि बस्तर के एक ही क्षेत्र में कृषि उत्पाद, मुर्गी पालन, ई रिक्शा का संचालन कर रही हैं। सही मायने में यही वीमेन एंपावरमेंट की पहचान है। उन्होंने कहा कि यह महिलाएं मिसाल बन गई हैं। महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण हर क्षेत्र में होना चाहिए।

विवि के कुलपति भी कांप्लेक्स फील करते हैं सामने बैठकर

राष्ट्रपति ने कहा कि हीरानार में बच्चों ने मेरी अगवानी की। उनके मासूम चेहरों पर भविष्य के सपने झलक रहे थे। उन बच्चों से बात कर मेरे बचपन की यादें ताजा हो गईं। मैंने भी इसी कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई की है। उन्हीं कठिन रास्तों के कारण ही सच्चाई के रास्ते पर चलने में सक्षम बन सका।

– उन्होंने कहा कि उन होनहार बच्चों में सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने की क्षमता है। आस्था विद्यालय में नक्सल प्रभावित 1100 बच्चों को लाभ मिल रहा है। इन्हीं सुविधाओं की बदौलत इंदु नाइक को दिया गया अबुल कलाम आजाद एवार्ड भी उल्लेखनीय है।

– इस दौरान राष्ट्रपति ने संध्या नेताम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैं दंतेवाड़ा में आस्था विद्या मंदिर में गया था। वहां सुपर स्मार्ट क्लास में 8वीं की छात्रा संध्या नेताम आई। मैंने उससे पूछा-आप टीचर हो या स्टूडेंट। संध्या ने जवाब दिया, ‘मैं स्टूडेंट हूं, लेकिन आज आपके लिए टीचर बनी हूं।’

– उन्होंने कहा कि मैं देशभर के केंद्रीय विश्व विद्यालयों का कुलाधिपति हूं। मुझसे मिलने के लिए केंद्रीय विवि के वीसी आते हैं। वो भी सामने बैठकर बातें करने में कांप्लेक्स फील करते हैं। उस बच्ची संध्या नेताम में बहुत आत्मविश्वास था।

केंद्र और राज्य सरकार की तारीफ की

– राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि देशवासियों के लिए सरकार की ओर से बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। नए टॉयलेट बनाए जा रहे हैं। गरीबों के लिए नए आवास बनाए जा रहे हैं। युवाओं को नए रोजगार के लिए सहायता दी जा रही है। छात्रों के लिए नए एम्स और आईआईटी खोले जा रहे हैं। इस उल्लेखनीय कार्य के लिए मैं केंद्र सरकार की भी सराहना करता हूं

– उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से प्रभावित होकर कुछ लोगों ने हिंसा और भय का वातावरण बनाने का काम किया है। हमारे देश में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। मुझे खुशी है कि सरकार ने इसे समझा है और युवाओं को बेहतर व अहिंसा के रास्ते पर लाने का काम किया है। इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार बधाई के पात्र हैं।

– उन्होंने कहा कि इसके लिए हमारे सैनिकों ने भी शहादत दी है। वो अभी तक इसके लिए सक्रिय हैं। मैं उनकाे नमन करता हूं। आज कारगिल दिवस भी है। उन जवानों को नमन है। सियाचिन में इतनी ऊंचाई पर वो 3-3 माह तक नहा नहीं पाते हैं। पीने के पानी की सुविधा नहीं होती है।

– बर्फ को स्टोव जलाकर गर्म करते हैं और उससे जो पानी निकलता है उसको साफ बनाए रखने के लिए दवाई डालकर पीते हैं। मैं पहुंचा तो सेना प्रमुख साथ थे। मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी चॉपर से उतरने की। मैंने ऐसी परिस्थतियों में जवानों को काम करते हुए देखा। अगर हम चैन से सोते हैं वो उन नौजवान जवानों की वजह से है। हम उनके लिए जो कर सकते हैं हमें करना चाहिए।

देश की आत्मा बसती है आदिवासी ग्रामीणों में

– उन्होंने कहा कि देश की आत्मा आदिवासी ग्रामीणों में बसती है। देश के लोग आदिवासी भाई बहनों के साथ बिताएं। उनके दर्द को समझें। उन्हें आनंद और संतुष्टि होगी । साथ ही प्रकृति के साथ समांजस्य बनाकर रहने वाले हमारे आदिवासी भाइयों के बारे में भी जानकारी मिलेगी।

लोगों को राष्ट्रपति भवन आने का दिया निमंत्रण

– राष्ट्रपति ने कहा कि स्मार्ट फोन योजना में बस्तर और बैंगलुरु के अंतर को समाप्त कर देने की क्षमता है। देश विदेश की यात्रा में मुझे स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। आस्था अौर स्कूल ने जो स्मृति चिन्ह दिया वो अनमोल है। आदिवासी द्वारा निर्मित कलाकृतियों को सदैव स्थान दिया है। वो राष्ट्रपति भवन केवल राष्ट्रपति का घर नहीं है। उस पर हर भारतीय का अधिकार है।

– उन्होंने कहा कि जब आप दिल्ली आएं आप राष्ट्रपति भवन जरूर देखें। अंत में सभी के उज्जवल भविष्य कर कामना करता हूं।

सीएम बोले- संचार क्रांति डिजिटल भारत अभियान का हिस्सा

– मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति बहुत अच्छे और लोगों के बीच रहने वाले हैं। उनके एक वर्ष के कार्यकाल में 90 हजार लोगों ने राष्ट्रपति भवन देखा। जबकि हमेशा विदेशियों के लिए खुलने वाला राष्ट्रपति का संग्रहालय भी पहली बर 42 हजार लोगों ने देखा। भारत विश्व गुरू बनने वाला है। इसकी तैयारी शुरू हो गई है।

– इससे एक दिन पहले बुधवार शाम रमन सिंह ने कहा था कि संचार क्रांति छत्तीसगढ़ सरकार की यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल भारत अभियान के लक्ष्यों को पूर्ण करने में मददगार साबित होगी।

– उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से विकसित किए गए इस मोबाइल एप में महिलाओं, किसानों, बच्चों और युवाओं के लिए विभिन्न विषयों की उपयोगी जानकारी शामिल रहेगी। इसके अलावा ’गोठ’ एप में खेती-किसानी, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, शिक्षा और स्वसहायता समूहों से जुड़ी योजनाओं का भी विवरण रहेगा।

– छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति और घर-परिवार पर आधारित कार्यक्रम भी इसमें देखे जा सकेंगे। स्मार्ट फोन धारकों को डिजिटल लेन-देन में भी आसानी होगी और आवश्यक होने पर उनके द्वारा आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा संजीवनी 108, गर्भवती महिलाओं के लिए संचालित एम्बुलेंस सेवा महतारी एक्सप्रेस 102 और पुलिस हेल्प लाइन के टोल फ्री नम्बरों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।

650 क्षमता वाले बेड का भी हुआ  लोकार्पण

– राष्ट्रपति डिमरापाल स्थित स्वर्गीय बलिराम कश्यप स्मृति बस्तर मेडिकल कॉलेज में नए अस्पताल भवन का लोकार्पण करेंगे। इस 650 क्षमता वाले अस्पताल में फिलहाल 500 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां से पढ़ने वाला डॉक्टर बस्तर की संस्कृति को पूरी दुनिया में फैलाएंगे।

– अस्पताल के इस भवन का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब 170 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। बस्तर मेडिकल कॉलेज के इस विशाल अस्पताल में मरीजों को 75 विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित 376 पैरामेडिकल कर्मचारियों की सेवाएं मिलेंगी।

– अस्पताल में प्रतिदिन 300 से 400 मरीजों के इलाज की सुविधा रहेंगी। राष्ट्रपति इस मौके पर राष्ट्रीय ग्रामीण और शहरी आजीविका मिशन की कुछ हितग्राही महिलाओं और कॉलेज स्तर के कुछ विद्यार्थियों को प्रतीक स्वरूप निशुल्क स्मार्ट फोन देकर संचार क्रांति योजना का आगाज भी किया

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