वैज्ञानिक खेती से दशपुर के प्रकाश निषाद बना लखपति

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कांकेर विकासखण्ड के दशपुर निवासी उन्नतशील कृषक श्री प्रकाश चन्द निषाद युवा कृषक हैं जो अपने 1.5 एकड़ हेक्टेयर भूमि पर पारम्परिक विधि से धान की खेती करते थे, साथ ही साथ खेतों के आस-पास स्थित कुसुम के वृक्षों को लीज पर लेकर लाख पालन करते थे। जिससे वर्ष में इन्हे लगभग 67 हजार 8 सौ रूपये तक की आमदनी प्राप्त करते थे। 2016-17 में कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर से सम्पर्क कर श्री निषाद ने सेमियालता में लाख की खेती करना प्रारम्भ किया। कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत इन्हे ड्रिप एवं सेमियालता के पौधे प्रदान किया गया। अपने 1 एकड़ भूमि में ड्रिप पद्धति में सेमियालता पौध रोपण किया। चूंकि लाख की खेती के लिए पौधा तैयार होने में प्रथम वर्ष में एक वर्ष का समय लगता है, इस अवधि में उन्हांेने अन्तवर्तीय सब्जी की खेती वैज्ञानिक विधि से प्रारम्भ कर लगभग 40 हजार की आमदनी प्राप्त किया एवं सेमियालता बीज से 36 हजार की आमदनी प्राप्त कर लिया। तथा 0.5 एकड़ भूमि में खरीफ मौसम में धान की फसल तथा रबी मौसम में मक्का की फसल से इन्हे 32 हजार 2 सौ रूपये की आमदनी प्राप्त हुई। सेमियालता पौधे में जून में लाख बीज का निवेशन किया जिससे इन्हे लगभग 1 लाख रूपये की आय प्राप्त हुई।

श्री प्रकाश चन्द के प्रक्षेत्र का भ्रमण माननीय कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय डॉ एस. के. पाटिल, छत्तीसगढ़ योजना आयोग के सदस्य तथा पूर्व डायरेक्टर लाख द्वारा किया गया है। इनके उत्कृष्ठ कार्य के लिए इन्हे भारतीय लाख अनुसंधान केन्द्र रांची में सम्मानित किया जा चुका है। इस क्षेत्र के किसानों के लिए श्री निषाद ने एक उदाहरण बनकर मिशाल कायम किया है।

 

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