PNB ने फ्रॉड रोकने के लिए लोन मंजूर करने का नया सिस्टम बनाया

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पंजाब नैशनल बैंक ने नीरव मोदी स्कैम के बाद लोन ऐप्लिकेशन मंजूर करने का नया सिस्टम बनाया है। बैंक का दावा है कि जिन खामियों की वजह से फ्रॉड हुआ था, उन्हें नए तरीके में दूर करने की कोशिश की गई है। इस प्रोसेस को बैंक के बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। इसमें लोन अप्रूव करने में किसी एंप्लॉयी की तरफ से गड़बड़ी की आशंका को दूर किया गया है।

इस मामले से वाकिफ एक एग्जिक्युटिव ने बताया, ‘एक एंप्लॉयी के लोन अंडरराइट करने के बजाय इस प्रोसेस को चार वर्टिकल में बांटा गया है। इसमें अलग-अलग एंप्लॉयी ये काम करेंगे।’ बैंक अभी ग्राहकों को सिर्फ लेटर ऑफ क्रेडिट या मंजूर लोन ही बांट रहा है। पीएनबी ने नीरव मोदी स्कैम को लेकर सभी बकाया लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट (एफएलसी) का पैसा मैच्योरिटी के वक्त चुकाने का वादा किया है। बैंक ने 1,590 एलओयू जारी किए थे, जिनसे जुड़ी रकम 14,000 करोड़ रुपये है।

ऊपर जिन अधिकारी का हवाला दिया गया है, उन्होंने बताया, ‘बैंकरप्सी कोड के तहत कुछ मामलों के निपटारे से हमें अतिरिक्त फंड मिलेगा। कुछ नॉन-कोर एसेट्स बेचकर भी हम फंड जुटाएंगे। इसलिए बैंक सभी देनदारी को आराम से चुका सकता है।’ जांच एजेंसियों से की गई शिकायत में बैंक ने माना था कि नीरव मोदी स्कैम में उसके कुछ एंप्लॉयीज ने मदद की थी और उन्होंने फर्जी एलओयू जारी किए।

बैंक ने बताया था कि इसमें तय प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और न ही बैंकिंग सिस्टम में उनकी एंट्री की गई। इसलिए कई वर्षों तक चले इस स्कैम का बैंक पता नहीं लगा पाया। जांच एजेंसियों ने अब तक इस मामले में बैंक के चार एंप्लॉयीज को गिरफ्तार किया है और करीब दर्जन भर कर्मचारियों से पूछताछ की है।

बैंक ने बताया कि कर्ज देने के नए सिस्टम में सोर्सिंग, अप्रेजल, प्रोसेसिंग और अंडरराइटिंग, डॉक्युमेंटेशन और लोन बांटने, रिकवरी का काम अलग-अलग एंप्लॉयीज करेंगे। अधिकारी ने कहा कि इससे लोन संबंधी खामियां दूर की जा सकेंगी और बॉरोअर्स का इवैल्यूएशन पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा। नए वित्त वर्ष की शुरुआत पर एंप्लॉयीज को लिखे लेटर में पीएनबी के एमडी सुनील मेहता ने कहा था कि वित्त वर्ष 2018 में बैंक के डोमेस्टिक बिजनेस की ग्रोथ 7.9 पर्सेंट रही है और उसका कासा डिपॉजिट 43.9 पर्सेंट बना हुआ है।

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